विश्व भर में अरबों लोग ऐसी प्रदूषित हवा में साँस लेने के लिए मजबूर हैं, जोकि हर साल 45 लाख से अधिक लोगों की समय से पहले मौत का कारण बनती है. संयुक्त राष्ट्र के जलवायु विशेषज्ञों ने शुक्रवार को आगाह किया है कि जंगलों में लगने वाली आग से निकलने वाले धुएँ के सूक्ष्म कण इस संकट को और गम्भीर बनाते हैं. ये कण हवा में घुलकर आधी दुनिया तक का सफ़र तय कर सकते हैं.