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कारोबारी दीपक कोठारी ने आरोप लगाया था कि 2015 से 2023 के बीच दंपत्ति ने कारोबार बढ़ाने के नाम पर उनसे 60 करोड़ रुपए लिए, लेकिन उसे निजी खर्चों पर खर्च कर दिया। दंपत्ति ने कथित तौर पर यह पैसा कर्ज के रूप में ली थी, लेकिन बाद में टैक्स बचत का हवाला देते हुए इसे निवेश के रूप में दिखाया