K Kavitha : के. कविता लंबे समय से बीआरएस में सक्रिय थीं और उन्होंने कई मौकों पर संगठन को मजबूत करने में भूमिका निभाई थी। लेकिन हाल के दिनों में उनकी नाराजगी खुलकर सामने आ रही थी। राजनीति जानकारों का कहना है कि इस कदम से बीआरएस को भीतरखाने नई चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। अब सबकी नजरें इस पर होंगी कि के. कविता आगे क्या फैसला लेती हैं