इतिहास में अत्याचारों का दंश झेलने वाले समुदाय और स्वाधीनता के लिए प्रयत्नशील रहे कार्यकर्ता, भावी पीढ़ियों को न्यायसंगत समाज के निर्माण के लिए प्रेरित कर सकते हैं. संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक एवं सांस्कृतिक संगठन (UNESCO) की प्रमुख ने शनिवार, 23 अगस्त, को ‘दास व्यापार व उसके उन्मूलन के लिए अन्तरराष्ट्रीय स्मरण दिवस’ के अवसर पर यह बात कही है.