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CBDT ने 20 अगस्त को एक सर्कुलर जारी किया। इसमें कहा गया है कि अगर टैक्सपेयर संबंधित फाइनेंशियल ईयर में विदेश में ऐसे एसेट्स की जानकारी डिसक्लोज नहीं करता है जिनकी वैल्यू 20 लाख रुपये से ज्यादा नहीं है तो उसके खिलाफ ब्लैक मनी एक्ट, 2015 के सेक्शन 42 और/या सेक्शन 43 के खिलाफ कार्रवाई नहीं होगी