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कई इंश्योरेंस कंपनियां शुरुआत में हेल्थ पॉलिसी का प्रीमियम कम रखती हैं। फिर, हर साल प्रीमियम अपनी मर्जी से बढ़ाती हैं। इससे कुछ ही साल में पॉलिसी ग्राहक के लिए बहुत महंगी हो जाती है। ऐसे में उसके पास सीमित विकल्प रह जाता है