संयुक्त राष्ट्र की एक नई रिपोर्ट दर्शाती है कि बड़ी संख्या में महिलाओं व लड़कियों तक, नक़दी सहायता, स्वास्थ्य देखभाल और पेंशन सम्बन्धी नीतियों से मिलने वाली सहायता नहीं पहुँच पा रही है. सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में बढ़ती लैंगिक खाई की वजह से उनके लिए निर्धनता के गर्त में धँसने का जोखिम बढ़ जाता है.