कई टैक्सपेयर्स नई और पुरानी रीजीम में से किसी एक को सेलेक्ट करने को लेकर उलझन में रहते हैं। दिक्कत तब आती है जब रिटर्न फाइल करने के बाद उन्हें लगता है कि उन्होंने गलत रीजीम का चुनाव किया है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि पहले दोनों रीजीम में टैक्स लायबिलिटी की जांच करने के बाद ही रीजीम का चुनाव करना चाहिए