(खबरें अब आसान भाषा में)
दुनिया भर में 18 साल से कम उम्र के आधे से ज़्यादा बच्चे, हर साल किसी न किसी रूप में शारीरिक दंड (corporal punishment) का सामना करते हैं, जिससे उनका शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य प्रभावित होता है, अलबत्ता इससे किसी को कोई लाभ नहीं होता.