(खबरें अब आसान भाषा में)
भारत की स्टार्टअप कहानी अब केवल महानगरों तक सीमित नहीं है. छोटे शहरों और गाँवों में युवा नवप्रवर्तक भी, अब मासिक धर्म स्वच्छता और प्लास्टिक कचरे जैसी समस्याओं का समाधान कर रहे हैं और सफलता का नई मिसालें क़ायम कर रहे हैं.