दुनिया भर में युद्धों व अशान्ति के दौरान यौन हिंसा होने के मामलों में बीते साल रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज की गई है. एक नवीन रिपोर्ट के अनुसार, सरकारी और गै़र-सरकारी – दोनों ही पक्षों ने, यौन हिंसा का इस्तेमाल, युद्ध, यातना, आतंकवाद और राजनैतिक दमन के औज़ार के रूप में करते हुए, 4 हज़ार 600 से अधिक लोगों को शिकार बनाया.