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रक्षा बंधन का पर्व भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक होता है। कहते हैं इस मौके पर बहन अगर सूती धागा भी बांध दे, तो वो भाई के लिए रक्षा कवच बन जाता है। लेकिन पटना के बाजार में मिल रही राखियों के दाम बहन के प्यार की तरह बेश्कीमती हैं। कुछ तो ऐसी हैं, जिनकी तुलना चार पहिया गाड़ी के दाम से की जा सकती है।