(खबरें अब आसान भाषा में)
संयुक्त राष्ट्र की नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार, ग़ाज़ा की अधिकाँश कृषि योग्य भूमि या तो पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी है या लोगों की पहुँच से बाहर है. इससे वहाँ रह रहे 20 लाख से अधिक नागरिकों को अकाल जैसे गम्भीर हालात का सामना करना पड़ रहा है.