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प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि तत्कालीन सरकार ने सिंधु और उसके पानी पर फैसला लेने का अधिकार वर्ल्ड बैंक को दिया था। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के कार्यकाल में हुई गलती को संधि को स्थगित करके सुधार लिया गया है, क्योंकि उन्होंने दोहराया था कि खून और पानी एक साथ नहीं बह सकते