अनुमान है कि वर्ष 2030 तक भारत में सृजित होने वाले 70 प्रतिशत नए रोज़गार शहरी क्षेत्रों से उत्पन्न होंगे, जिससे ये क्षेत्र आर्थिक विकास के प्रमुख केन्द्र बन सकते हैं. लेकिन, विश्व बैंक की नवीनतम रिपोर्ट में आगाह किया गया है कि अगर समय रहते जलवायु परिवर्तन के ख़तरों से निपटने की तैयारी नहीं की गई, तो भारतीय शहरों को, अरबों डॉलर का नुक़सान उठाना पड़ सकता है.