साल 2020 के शुरुआत में कोरोना महामारी ने देश में अपने पांव पसारने शुरू किए। लेकिन उसी साल लॉकडाउन लगने से पहले बिहार के अखबारों में एक ऐसी तस्वीर छपती है, जिससे पटना के राजनीतिक गलियारों में एक अजीब सी हलचल मच जाती है। वहीं पांच साल पहले राजधानी पटना में एक प्रेस कॉफ्रेंस भी हुई थी, जिसका असर 2025 के चुनाव में होता दिख रहा है