अप्रैल में विभाग की तरफ से पंजीकरण अधिनियम के अनुच्छेद 18(A)(1)(B) में संशोधन के बाद भ्रम की स्थिति पैदा हो गई थी। संपत्ति पंजीकरण के विशेषज्ञ हितेश ठक्कर ने बताया कि संशोधन अस्पष्ट था और अधिकारियों ने इसकी व्याख्या इस तरह से की थी कि उनकी संपत्ति पर बने हर एक फ्लैट की बिक्री और ट्रांसफर के लिए MHADA, SRA, MIDC और CIDCO से NOC लेना जरूरी हो गया