ग़ाज़ा में गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं को भयावह हालात का सामना करना पड़ रहा है. संयुक्त राष्ट्र की प्रजनन स्वास्थ्य एजेंसी UNFPA ने चेतावनी दी कि वहाँ स्वास्थ्य सेवाएँ लगभग ठप हैं, मानसिक तनाव चरम पर है और भोजन की भी भारी कमी है. इस स्थिति से जच्चा-बच्चा दोनों की ज़िन्दगियाँ गम्भीर ख़तरे में हैं.