दक्षिण एशिया में, रक्त में अहम कणों की कमी यानि ‘एनीमिया’ एक ऐसा मौन लेकिन गहराता स्वास्थ्य संकट है, जिसे अक्सर अनदेखा कर दिया जाता है, जबकि यह स्वास्थ्य संकट, इस क्षेत्र की सबसे व्यापक और चुनौतीपूर्ण समस्याओं में से एक बन चुका है. यह विशेष रूप से निर्धन महिलाओं व किशोरियों को असमान रूप से प्रभावित करता है. विशेषज्ञों का अनुमान है कि यदि तुरन्त ठोस एवं समन्वित कार्रवाई नहीं की गई, तो 2030 तक इसके 1.8 करोड़ नए मामले सामने आ सकते हैं.