इस बयान की पृष्ठभूमि में LJP (रामविलास) के सांसद अरुण भारती की सोशल मीडिया पोस्ट है, जिसमें उन्होंने परोक्ष रूप से ‘HAM’ पार्टी के सुप्रीमो और पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी पर तंज कसा था। उन्होंने लिखा था कि चिराग पासवान को बहुमत साबित करने से पहले इस्तीफा देने का अनुभव नहीं है, जो 2015 में मांझी के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफे की ओर इशारा था