(खबरें अब आसान भाषा में)
कश्मीरी केसर को GI टैग मिलने से न केवल इसकी वैश्विक पहचान मजबूत हुई है, बल्कि किसानों और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई ऊर्जा मिली है। यह टैग न केवल एक मसाले की गुणवत्ता की गारंटी है, बल्कि कश्मीर की सांस्कृतिक विरासत और मेहनतकश किसानों के सम्मान का प्रतीक भी है