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नितिन कामत ने कहा कि चूंकि ये प्लेटफॉर्म्स अनरेगुलेटेड हैं, जिससे इनके जरिए ट्रांजेक्शन पर इनवेस्टर्स को किसी तरह की कानूनी सुरक्षा नहीं मिलती है। इसके अलावा फीस भी काफी ज्यादा है। अनलिस्टेड स्टॉक्स में निवेश में कई दूसरे रिस्क भी हैं