सत्य विजय सिंह
रतलाम शहर काजी का एक लेटर सुर्खियों में है । शहर काजी अहमद अली ने लेटर जारी कर मुस्लिम नौजवान और मां-बहनों से अपील की है कि वे गरबा देखने और नवरात्रि मेले में नहीं जाए। शहर काजी कि दलील है कि माहौल बहुत गर्म चल रहा है। उसी के मद्देनजर उन्होंने अपने समाज के लोगों से यह अपील की है।
शहर काजी अहमद अली का कहना है कि लोग घरों में ही रहकर इबादत करें और रोजे रखें, ना की गरबे देखने और मेले में जाएं । शहर काजी का कहना है कि इस पहल का मुस्लिम लोग स्वागत भी कर रहे हैं । इसके पहले भी रतलाम नगर निगम नवरात्रि की दुकान के बाहर दुकानदार का नाम लिखने के फैसले को लेकर सुर्खियां बटोर चुका है। हालांकि दुकानों की कालाबाजारी को रोकने के लिए यह फैसला था जिसको लेकर भी कुछ लोगों ने आपत्ति जताई थी।
गरबे में ना जाएं मुस्लिम लोग- काजी अहमद अली
काजी अहमद अली ने एक लेटर जारी किया है जिसमें मुस्लिम समाज के लोगों से अपील की है कि नवरात्रि के मौके पर आयोजित होने वाले गरबे में ना जाएं। उन्होंने कहा कि वैसे तो मुस्लिम महिलाएं गरबा देखने नहीं जाती हैं क्योंकि उन्हें पर्दे का हुक्म है, लेकिन आज कल के माहौल को देखते हुए माहौल बहुत गर्म चल रहा है। कुछ लोगों के बयानात भी ऐसे आ रहे हैं कि अगर मुस्लिम गरबे में आएंगे तो हम ऐसा कर देंगे वैसा कर देंगे, इससे बचने के लिए हमने सलाह दी कि जो भी मुसलमान है, मां-बहने बच्चे और बुजुर्ग गरबे में ना जाएं और ना ही मेले में जाएं। अपने घर पर ही रहें जिससे वह बेहतर रहे। शरीयत के मुताबिक नमाज पढ़ो, रोजा रखो, इबादत करो, जो भी करना चाहो लेकिन घर पर रहो।
किसी भी विवाद से बेहतर है कि हम बच्चों को रोकें- काजी अहमद अली
शहर काजी ने कहा कि कुछ लोगों के बयानात सामने आए हैं कि अगर गरबे में मुसलमान आएंगे तो हम उनको निकाल देंगे, भगा देंगे। इस तरह के बयान गलत हैं। मैं हमेशा से एकता की बात करता आया हूं, मैंने कभी किसी को गलत नहीं बताया है। किसी भी विवाद से बेहतर है कि हम बच्चों को रोकें। मैंने मोहर्रम के समय भी औरतों से मोहर्रम के जुलूस में शामिल न होने की अपील की थी, क्योंकि बेअदवी की संभावना रहती है। इसलिए बेहतर है कि वहां ना जाएं।समाज के लोगों ने मेरी इस तरह अपील की तारीफ की है।
इसे भी पढ़ें: आतंकियों का इजरायल कर रहा सफाया तो देश में लोगों को मिर्ची क्यों लग रही? धीरेंद्र शास्त्री का जवाब