इस मामले की जांच की शुरुआत 2022 में गिरफ्तार हुए रवि प्रकाश मीणा नाम के एक और जासूस से हुई थी। मीणा राजस्थान का रहने वाला और रक्षा मंत्रालय के सेना भवन में क्लास 4 कर्मचारी था। जांच में पता चला कि वह पाकिस्तानी हैंडलर को नक्शों जैसी संवेदनशील जानकारी भेजता था और बदले में क्रिप्टोकरेंसी के जरिए पैसे लेता था