(खबरें अब आसान भाषा में)
SEBI के प्रपोजल के मुताबिक, मैनेजिंग डायरेक्टर MII के कुल कामकाज को देखना जारी रखेगा। ED का दर्जा एमडी के बराबर होना जरूरी है। ED के अप्वाइंटमेंट और रीअप्वाइंटमेंट का प्रोसेस वही होगा जो एमडी के लिए है। इसके लिए सेबी की पूर्व अनुमति जरूरी होगी