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कोर्ट ने यह साफ किया है कि 2010 से पहले जिन 66 ओबीसी समुदायों को मान्यता दी गई थी, उन पर इस फैसले का कोई असर नहीं पड़ेगा। यानी वे पहले की तरह ही ओबीसी के दायरे में रहेंगे। गौरतलब है कि इससे पहले 22 मई 2024 को हाईकोर्ट ने राज्य सरकार की पुरानी ओबीसी सूची को लगभग अमान्य कर दिया था