(खबरें अब आसान भाषा में)
India US Deal: इंडिया खासकर उन गुड्स पर टैरिफ में ज्यादा रियायत चाहता है, जिन्हें बनाने में लेबर का ज्यादा इस्तेमाल होता है। लेकिन, एक अमेरिकी कानून की वजह से इसकी संभावना न के बराबर है। इस वजह से इंडियन गुड्स पर अमेरिका का टैरिफ एमएफएन रेट्स से कम होने की संभावना ना के बराबर है