युद्ध का अन्त, मौलिक मानवाधिकारों और अन्तरराष्ट्रीय क़ानून की रक्षा के इरादे से संयुक्त राष्ट्र की स्थापना की गई थी, जिसके 80 साल बाद इन संस्थापक मूल्यों व सिद्धान्तों पर ख़तरा बढ़ता जा रहा है. संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त (OHCHR) वोल्कर टर्क़ ने सोमवार को जिनीवा में मानवाधिकार परिषद को सम्बोधित करते हुए यह चेतावनी जारी की है.