(खबरें अब आसान भाषा में)
कमजोर रुपया टूरिज्म और हॉस्पिटैलिटी दोनों इंडस्ट्रीज को सपोर्ट करता है। इसके अलावा, प्रति व्यक्ति आय में वृद्धि इन क्षेत्रों में ग्रोथ को बढ़ावा दे रही है। तेल की कीमतों में उछाल भारत की अपेक्षाकृत मॉडरेट इनफ्लेशन ट्राजेक्टरी को पटरी से उतार सकता है