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HCM वाले कई लोगों में कोई लक्षण नहीं होते हैं और उन्हें यह पता भी नहीं चलता कि उन्हें यह बीमारी है, जिससे यह एक ‘साइलेंट किलर’ बन जाती है। इसकी जांच के लिए आमतौर पर ECG और इकोकार्डियोग्राम टेस्ट किया जाता है जिसमें हृदय की मांसपेशियों की मोटाई को मापा जाता है