हिंसक टकराव शुरू होने के 600 दिन बीतने के बाद, ग़ाज़ा में मानवीय हालात अपने ‘सबसे अंधकारमय पड़ाव पर’ हैं. निरन्तर, घातक बमबारी और जबरन सामूहिक विस्थापन के बीच फ़लस्तीनी परिवार भरपेट भोजन न मिल पाने का शिकार हैं और दैनिक गुज़र-बसर के लिए ज़रूरी सामान से वंचित भी. मध्य ग़ाज़ा में बुधवार को हताश लोगों की भीड़ ने एक खाद्य भंडारण केन्द्र पर धावा बोल दिया. इस आपाधापी में दो लोग मारे गए हैं और अनेक अन्य घायल हुए हैं.