Teaching in mother tongue: CBSE सबसे बड़ा राष्ट्रीय स्कूल बोर्ड है, जिसके साथ 30,000 से अधिक स्कूल जुड़े हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक CBSE के सर्कुलर में कहा गया है कि प्री-प्राइमरी से कक्षा 5 तक पढ़ाई बच्चे की घरेलू भाषा, मातृभाषा या किसी परिचित क्षेत्रीय भाषा में होना चाहिए। यह भाषा आदर्श रूप से मातृभाषा होनी चाहिए