(खबरें अब आसान भाषा में)
इसराइल के प्रधानमंत्री बेन्यामिन नेतनयाहू ने महासभा में जनरल डिबेट को सम्बोधित करते हुए कहा कि पहले उनकी मंशा यहाँ पर आने की नहीं थी. मगर, अन्य नेताओं द्वारा उनके देश के विरुद्ध फैलाए गए झूठ और लांछन को सुनने के बाद उन्होंने आने का निर्णय लिया ताकि साफ़गोई से अपनी बात रख सकें.