इंडिया में स्थिति काफी बेहतर है। इनफ्लेशन कंट्रोल में है। यह 4 फीसदी से नीचे बना हुआ है। बॉन्ड यील्ड 6.2 फीसदी है। इंडिया के विदेशी मुद्रा भंडार में 691 अरब डॉलर हैं। ऐसे में अगर ग्लोबल इकोनॉमी में किसी तरह का बड़ा संकट आता है तो उभरते बाजारों में इंडिया उसका ज्यादा बेहतर तरीके से मुकाबला कर सकता है