Bahraich Wolf Attack: बहराइच में बदले की फिराक में घूम रहा भेड़ियों का लंगड़ा सरदार अभी तक वन विभाग के कब्जे में नहीं आया है। 6 भेड़ियों के झुंड में अब वो अकेला रह गया है। महीनों की कड़ी मशक्कत के बाद वन विभाग ने 5 भेड़ियों को पकड़ लिया है। लंगड़े भेड़िए के लिए वन विभाग ने कई प्लान बनाए लेकिन सब फेल हो गए। अब छठा आदमखोर फिर से ड्रोन कैमरे में कैद हुआ है।
बहराइच में ये आदमखोर भेड़िए अभी तक 10 से ज्यादा लोगों की जान ले चुके हैं और 50 से अधिक को घायल किया हैं। वन विभाग को जिस छठे भेड़िए की तलाश है वो ड्रोन कैमरे में कैद हुआ है। डीएफओ अजीत सिंह के मुताबिक ये वो ही आदमखोर लंगड़ा भेड़िया है जिसके तलाश उन्हें महीनों से है। डीएफओ ने दावा किया है कि उनकी टीम इसे जल्द ही पकड़ लेगी।
20 दिन से नहीं किया हमला
स्थानीय ग्रामीणों के लिए अच्छी बात ये है कि लंगड़े भेड़िए ने पिछले 20 दिन से कोई हमला नहीं किया है। DFO का कहना है कि भेड़िए बिना ग्रुप के गांव में जाने से घबराते हैं, ये अकेला है हो सकता है कि इसलिए हमला ना किया हो। अब लोगों में भी दहशत कम हो गई है। आपको बता दें कि गुरुवार सुबह को छंठा भेड़िया महसी के सिकंदरपुर इलाके में दिखा गया है। ये कई दिनों से वन विभाग की टीम को चकमा दे रहा है।
झुंड का सरदार लंगड़ा भेड़िया
बहराइच की महसी तहसील में भेड़िए के झुंड ने कई महीनों से आतंक मचा रखा है। इस झुंड में 6 भेड़िए थे, जिनमें से 5 को पकड़ा जा चुका है। इस झुंड का सरदार लंगड़ा भेड़िया है, जो अभी तक वन विभाग के अधिकारियों के हत्थे नहीं चढ़ा है। ये भेड़िया बहुत ही चालाक है, इलाके के लोग बताते हैं कि वो लंगड़ा है कि वही इन भेड़ियों के झुंड का सरदार है।
पहले हमला नहीं करते थे भेड़िए
स्थानीय लोगों के मुताबिक भेड़ियों का व्यवहार पहले ऐसा नहीं था। खेतों में काम करते समय कई बार ऐसा होता था कि भेड़िए और सियार बगल से निकल जाते थे। बकरी, मुर्गी या फिर कुत्ते का बच्चा भले ही इनके शिकार हुए हों, लेकिन वो इंसानों पर कभी हमला नहीं बोलते थे। 40 साल पहले एक बच्चे पर हमले की बात सामने आई थी।
बदला ले रहा लंगड़ा भेड़िया
बहराइच में चर्चा ये भी है कि एक भेड़िए के दो बच्चे ट्रैक्टर से कुचलकर मर गए थे। इसके बाद भेड़िए बदला लेने के लिए आक्रामक हो गए, क्योंकि ये अपने परिवार को लेकर बहुत ही भावनात्मक होते हैं। हालांकि वन विभाग इस बात की पुष्टि नहीं कर रहा, लेकिन यह सच है कि अपने झुंड के बुजुर्गों और बच्चों को लेकर भेड़िए बहुत संवेदनशील होते हैं।
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