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सरकारी अधिकारियों के मुताबिक, नई कोयला बेस्ड थर्मल पावर क्षमता स्थापित करने की अनुमानित पूंजीगत लागत कम से कम 8.34 करोड़ रुपये प्रति मेगावाट है। इसलिए, 2031-32 तक थर्मल पावर कैपेसिटी एडिशन पर कम से कम 6,67,200 करोड़ रुपये का खर्च आने का अनुमान है