बर्खास्त ट्रेनी IAS पूजा खेडकर को कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। दिल्ली हाई कोर्ट ने पूजा की गिरफ्तारी से मिली अंतरिम राहत चार अक्टूबर तक बढ़ा दी है। कोर्ट के नए आदेश के मुताबिक, ट्रेनी IAS के ऊपर जो गिरफ्तारी की तलवार लटक रही थी फिलहाल वो टल गई है। 4 अक्टूबर तक अब उनकी गिरफ्तारी नहीं होगी। पूजा ने कोर्ट से जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा है।
पूजा खेडकर पर सिविल सेवा परीक्षा में धोखाधड़ी और गलत तरीके से अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) एवं दिव्यांगता आरक्षण का लाभ उठाने का आरोप है। इसे लेकर पूजा पर केस दर्ज किया गया है। हालांकि खेडकर ने अपने खिलाफ सभी आरोपों से इनकार किया है। अब कोर्ट ने गुरुवार, 26 सिंतबर को उनकी गिरफ्तारी से दी गई अंतरिम राहत को चार अक्टूबर तक बढ़ा दी।
दिल्ली पुलिस के वकील की दलील
जस्टिस चंद्र धारी सिंह ने पूजा के वकील के आग्रह के बाद अग्रिम जमानत के अनुरोध वाली याचिका पर सुनवाई टाल दी। वहीं, दिल्ली पुलिस के वकील ने अदालत से एक संक्षिप्त स्थगन की अनुमति का आग्रह करते हुए कहा कि एक बड़ी साजिश सामने आई है, जिसमें जालसाजी और दस्तावेज तैयार करना शामिल है।
पूजा खेडकर को 4 अक्टूबर तक राहत
दिल्ली पुलिस के वकील की दलील पर जस्टिस चंद्र धारी सिंह ने कहा कि याचिकाकर्ता के वकील के अनुरोध पर, मामले को 4 अक्टूबर के लिए सूचीबद्ध किया जाए। अंतरिम आदेश जारी रहेगा। खेडकर पर आरक्षण का लाभ प्राप्त करने के लिए संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) सिविल सेवा परीक्षा, 2022 के लिए अपने आवेदन में गलत तरीके से जानकारी प्रस्तुत करने का आरोप है।
पूजा खेडकर ने आरोपों से किया इनकार
पूजा खेडकर ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों से इनकार किया है। उनके वकील ने गुरुवार को यूपीएससी के इस आरोप पर जवाब दाखिल करने के लिए अदालत से और समय मांगा कि उनकी मुवक्किल ने अपनी अग्रिम जमानत याचिका के संबंध में गलत बयान देकर झूठी गवाही दी है। उन्होंने कहा कि उनका निष्कासन एक अधिकारी के खिलाफ उनके द्वारा की गई यौन उत्पीड़न की शिकायत का नतीजा है। खेडकर ने इस मामले पर मीडिया में आ रहीं खबरों पर भी आपत्ति जताई।