दिल्ली हाईकोर्ट की खंडपीठ ने बुधवार को शाही ईदगाह प्रबंधन समिति की तरफ से दायर अपील की आलोचना की। अदालत ने अपील को राजनीति से प्रेरित बताया और मामले को सांप्रदायिक रंग देने के खिलाफ चेतावनी दी, साथ ही आग्रह किया कि अनावश्यक सांप्रदायिक तनाव से बचने के लिए ऐसे मामलों को न्यायपालिका से दूर रखा जाना चाहिए।
एक नेशनल आइकॉन को धार्मिक रूप नहीं देना चाहिए- HC
अदालत ने फटकार लगाते हुए कहा कि एक नेशनल आइकॉन को धार्मिक रूप नहीं देना चाहिए। आप कोर्ट के जरिए कम्युनल पॉलिटिक्स करने की कोशिश कर रहे हैं। कोर्ट के बाहर कम्युनल पॉलिटिक्स करिए, इसका इस्तेमाल कोर्ट के जरिए नहीं होना चाहिए। कोर्ट की टिप्पणी है कि हम महिला सशक्तिकरण की बात करते हैं और आप एक महिला सेनानी की मूर्ति लगाने पर आपत्ति जता रहे हैं। हाईकोर्ट ने कहा वो नेशनल हीरो हैं उसको धार्मिक रूप नहीं देना चाहिए। सभी धार्मिक सीमाओं के परे वो एक नेशनल हीरो हैं।
HC ने याचिकाकर्ता से माफीनामा मांगा
याचिकाकर्ता ने कहा कि वो बिना किसी शर्त के मांफी मांगते हुए अपनी याचिका को वापस ले रहे हैं। दिल्ली हाई कोर्ट ने शाही ईदगाह मैनेजमेंट कमेटी को कल तक माफीनामा दाखिल करने का निर्देश दिया। जमीन पर किसका हक है, इसको लेकर शुक्रवार को दिल्ली हाईकोर्ट सुनवाई करेगा।