बुड़रख गांव के किसान हरिशंकर चौबे ने कहा उन्होंने अपने खेत में टमाटर की खेती नेटशेड हाउस में की है, जिससे उन्हें कई फायदे हुए हैं। इस तरीके से तापमान कंट्रोल में रहता है और टमाटर जल्दी नहीं पकता है। जहां ज्यादातर किसान 1 रुपये प्रति किलो के हिसाब से टमाटर बेचने को मजबूर हैं, वहीं हरिशंकर का टमाटर सीधे खेत से 5 रुपये से लेकर 120 रुपये प्रति किलो तक बिक रहा है