पांडेय ने स्पष्ट किया कि SEBI के पास पहले से ही स्पेसिफिक मार्केट पार्टिसिपेंट्स के लिए सर्टिफिकेशन मैकेनिज्म मौजूद है। जैसे कि कई लोगों के लिए NISM सर्टिफिकेशन है। पांडेय ने पर्सनल फाइनेंस को मैनेज करने में व्यक्तिगत पसंद की अहमियत पर जोर देते हुए कहा कि लोगों को अपने पैसे के इस्तेमाल का फैसला लेने की आजादी होनी चाहिए