सचिन तेंदुलकर का नाम जेहन में आते ही उनके शॉट्स उनके रिकॉर्ड्स और मैदान पर उनकी कमाई साख जेहन में आती है. सचिन एक महान क्रिकेटर होने के साथ साथ बेमिसाल इंसान भी है और समय समय पर उनकी कहानियां तमाम युवाओं को प्रेरित करती रहती है. कुछ ऐसी ही कहानी है 1996 वर्ल्ड कप की जब सचिन पूरा वर्ल्ड कप बिना स्टीकर वाले बैट से खेले थे.