यूनेस्को का ‘मेमोरी ऑफ द वर्ल्ड’ रजिस्टर एक खास पहल है, जिसका मकसद दुनिया की डॉक्यूमेंट्री लेगसी को सुरक्षित रखना और इसे सभी के लिए हमेशा के लिए सुलभ बनाना है। इस कार्यक्रम की शुरुआत 1992 में की गई थी ताकि दुनियाभर के कीमती दस्तावेज, मैनुस्क्रिप्ट और पुस्तकालय संग्रह समय के साथ नष्ट न हों और उन्हें भविष्य की पीढ़ियों के लिए संभालकर रखा जा सके