(खबरें अब आसान भाषा में)
इंडिगो, एयर इंडिया और स्पाइसजेट जैसी एयरलाइंस ने SAF के साथ डेमो फ्लाइट्स चलाई हैं। लेकिन, भारत में ICAO-मान्यता प्राप्त एमिशन युनिट प्रोग्राम की कमी है, यानी एयरलाइंस को अंतरराष्ट्रीय बाजार से महंगे क्रेडिट्स खरीदने पड़ सकते हैं