सेबी ने जेनसॉल इंजीनियरिंग में वित्तीय गड़बड़ियों की जांच में पाया कि फंड को जो हेराफेरी हुई थी, उसका एक हिस्सा अश्नीर ग्रोवर (Ashneer Grover) के स्टार्टअप थर्ड यूनिकॉर्न प्राइवेट लिमिटेड (Third Unicorn Pvt Ltd) में निवेश हुआ। अब इसे लेकर अश्नीर ग्रोवर ने अपना पक्ष रखा है। जानिए इस पूरे मामले में अश्नीर ग्रोवर का नाम कैसे आया और जेनसॉल के प्रमोटर अनमोल सिंह जग्गी से उनके क्या संबंध हैं?