अभिषेक अग्रवाल ने आगे कहा कि ग्लोबल लेवल पर भारत का एक्सपोजर इतना बड़ा नहीं है कि जहां पर हम कोई ऐसा एक्सपोर्ट करते है जिसे लेकर हमें चिंता करनी चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि जब इस तरह की उथल-पुथल होती है तो बाजार अनिश्चितता (uncertainty) के माहौल में जाता है और निवेशकों को बाजार में अनिश्चितता पसंद नहीं है