रिपोर्ट में कहा गया है कि जजों की संपत्ति किस फॉर्मेट में और किस तरह से घोषित की जाएगी, इसके तौर-तरीकों पर भी काम हो रहा और जल्दी उसे पूरा कर लिया जाएगा। ये फैसला ऐसे समय लिया गया, जब हाल ही में दिल्ली हाई कोर्ट के जज यशवंत वर्मा के सरकारी बंगले में आग लगनेके बाद वहां से जले हुए नोटों की गड्डियां मिलीं और ये विवाद काफी गरमा गया है