ऑटिज़्म की अवस्था में जीवन गुज़ार रहे लोग दुनिया भर के समाजों में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं, लेकिन उन्हें अब भी गम्भीर चुनौतियों का सामना करना पड़ता है. संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने बुधवार, 2 अप्रैल, को ‘विश्व ऑटिज़्म जागरूकता दिवस’ के अवसर पर पहले से कहीं अधिक एक समानतापूर्ण और समावेशी दुनिया बनाने के लिए नए सिरे से संकल्प लिए जाने की अपील की है.