(खबरें अब आसान भाषा में)
सीकर जिले में रहने वाली सुमन ढाका ने चरितार्थ कर दिखाया है. साल 2000 में दस साल की उम्र में हुए एक्सीडेंट ने सुमन ढाका ने चलने में भी असमर्थ बना दिया. लेकिन,अपने मेहनत के दम पर इन्होंने पैरा ओलंपिक गेम्स सहित दर्जनों टूनामेंट में मेडल जीता.