(खबरें अब आसान भाषा में)
फ़लस्तीनी शरणार्थियों के लिए यूएन सहायता एजेंसी – UNRWA के मुखिया फ़िलिपे लज़ारिनी ने कहा है कि इसराइल द्वारा ग़ाज़ा में मानवीय सहायता दाख़िल नहीं होने देना, “सामूहिक दंड” के बराबर है. उन्होंने कहा कि ग़ाज़ा की आबादी में अधिकतर बच्चे, महिलाएँ और साधारण लोग हैं.