World Sparrow Day 2025: कभी भारत के घरों और आंगनों में आम तौर पर नजर आने वाली गौरैया की संख्या तेजी से घट रही है। शहरीकरण और पेड़ों की कटाई ने उनके घोंसले बनाने की जगहें सीमित कर दी हैं, जबकि मोबाइल टावरों से निकलने वाला रेडिएशन उनकी प्रजनन क्षमता पर नकारात्मक प्रभाव डाल रहा है, जिससे इनकी आबादी खतरे में है